कमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है, जिसका सीधा असर कारोबारियों और आम उपभोक्ताओं दोनों पर पड़ सकता है। सरकार ने राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त LPG कोटा देने का निर्णय लिया है, जिससे बढ़ती मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। इस कदम से खास तौर पर होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर परेशान थे। भारत सरकार ने बुधवार को कहा कि लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) की स्थिति 'अभी भी चिंताजनक' है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को कमर्शियल LPG का 10% अतिरिक्त आवंटन देने की पेशकश की। खबर के मुताबिक, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा का कहना है कि LPG का मामला अभी भी चिंताजनक है। ऑनलाइन बुकिंग में सुधार हुआ है। हालांकि यह भी सच है कि डिस्ट्रीब्यूटरों के यहां लंबी लाइनें लगी हैं।
कमर्शियल LPG सप्लाई को बेहतर बनाने और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने “सहायता फ्रेमवर्क” के तहत बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के अंतर्गत राज्यों को अतिरिक्त कमर्शियल LPG आवंटन विभिन्न सुधारात्मक कदमों के आधार पर दिया जाएगा। सरकार के मुताबिक, जो राज्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) से जुड़े आवेदनों को मंज़ूरी देने और उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए राज्य और जिला स्तर पर समितियों का गठन करेंगे, उन्हें 1 प्रतिशत अतिरिक्त LPG आवंटन मिलेगा।
इसके अलावा, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए “डीम्ड CGD अनुमतियां” देने के आदेश जारी करने वाले राज्यों को 2 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन दिया जाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए “डिग एंड रिस्टोर स्कीम” लागू करने वाले राज्यों को 3 प्रतिशत अतिरिक्त LPG सप्लाई का लाभ मिलेगा, जिससे पाइपलाइन बिछाने और मरम्मत कार्य में आने वाली बाधाएं कम होंगी। वहीं, जो राज्य सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के लिए सालाना किराया या पट्टे के शुल्क में कमी करेंगे, उन्हें 4 प्रतिशत अतिरिक्त LPG आवंटन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस फ्रेमवर्क से न केवल गैस सप्लाई व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि व्यवसायों और उपभोक्ताओं को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।